चीन और रूस ने 10वीं संयुक्त वायु रणनीतिक गश्ती की
चीन और रूस की सेनाओं की वार्षिक सहयोग योजना के अनुसार 9 दिसंबर को दोनों पक्षों ने पूर्वी चीन सागर और पश्चिमी प्रशांत महासागर के आकाश में 10वीं संयुक्त वायु रणनीतिक गश्ती की।
चीनी प्रतिरक्षा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय ने 10 दिसंबर को कहा कि वर्तमान संयुक्त वायु रणनीतिक गश्ती वार्षिक सहयोग योजना का विषय है। इससे क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों के समान मुकाबले और क्षेत्रीय शांति व स्थिरता की रक्षा में दोनों पक्षों का दृढ़ संकल्प और क्षमता दिखाई गई।
बताया जाता है कि वर्तमान संयुक्त रणनीतिक गश्ती में चीन ने एच-6के बमवर्षक और संबंधित अनुरक्षण बल के साथ केजे-500ए हवाई प्रारंभिक चेतावनी विमान भी भेजा। इससे हवाई हमला, हवाई लड़ाई, पूर्व चेतावनी और कमान व नियंत्रण समेत अपेक्षाकृत पूर्ण युद्ध प्रणाली स्थापित की गई।
वहीं, वर्तमान वायु रणनीतिक गश्ती आठ घंटों तक चली। जापान सागर, पूर्वी चीन सागर और पश्चिमी प्रशांत सागर समेत बड़े इलाके में अंतर्राष्ट्रीय हवाई क्षेत्र समन्वय किया गया। लंबे समय तक आकाश और समुद्र में सैन्य मौजूदगी से मजबूत निवारण संकेत भेजा गया।
सैन्य टिप्पणीकार ने कहा कि चीन और रूस के बीच 10वीं वायु रणनीतिक गश्ती का बड़ा महत्व है। इससे दोनों पक्षों के बीच सैन्य सहयोग व आपसी विश्वास मजूबत किया गया, राष्ट्रीय सुरक्षा तथा क्षेत्रीय शांति व स्थिरता बनाए रखने का दृढ़ संकल्प दिखाया गया और दूसरे विश्व युद्ध के विजय व युद्धोत्तर अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था की रक्षा में मजबूत रुख दिखाया गया है।