चीन ने नरसंहार समेत मानवता के विरुद्ध अन्य अपराधों को समाप्त करने का आह्वान किया

(CRI)09:36:51 2025-12-11

9 दिसंबर को “नरसंहार पीड़ितों की स्मृति, उनकी गरिमा और ऐसे अपराधों की रोकथाम के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस” मनाया जाता है। इसी दिन न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा का एक उच्च स्तरीय सम्मेलन आयोजित हुआ। संयुक्त राष्ट्र में चीन के उप स्थायी प्रतिनिधि सुन लेई ने अपने भाषण में इस बात पर जोर दिया कि चल रहे युद्धों और संघर्षों के कारण नरसंहार का विनाशकारी प्रभाव बना हुआ है। नस्लवाद, हिंसा और घृणा की बुराइयाँ अभी तक समाप्त नहीं हुई हैं, और नरसंहार के अपराध की रोकथाम और दंड संबंधी संधि की भावना को वास्तविकता में बदलना अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के सामने एक लंबा और कठिन कार्य है।

चीन सभी देशों से नरसंहार के प्रति शून्य सहिष्णुता बनाए रखने, संबंधित अंतर्राष्ट्रीय संधियों और संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्तावों को पूरी तरह से लागू करने और नरसंहार समेत मानवता के विरुद्ध अन्य अपराधों की पुनरावृत्ति को दृढ़ता से रोकने का आह्वान करता है, खुलेपन, समावेशिता, संवाद और सहयोग को बनाए रखने, विभिन्न सभ्यताओं के बीच आदान-प्रदान और पारस्परिक शिक्षा को बढ़ावा देने, विभिन्न जातीय समूहों, धर्मों और सभ्यताओं के बीच संघर्षों को भड़काने का दृढ़तापूर्वक विरोध करने और घृणास्पद भाषण और राजनीतिक कलंक का मुकाबला करने का आह्वान करता है, सभी लोगों के अस्तित्व और विकास के लिए एक शांतिपूर्ण और न्यायपूर्ण वातावरण बनाने और भेदभाव और असमानता को जड़ से खत्म करने के लिए एजेंडा 2030 के कार्यान्वयन में तेजी लाने का भी आह्वान करता है।

चीन ने उल्लेख किया कि इस वर्ष चीनी जनता के जापानी अतिक्रमण विरोधी युद्ध और विश्व फासीवाद विरोधी युद्ध की विजय की 80वीं वर्षगांठ है। नूर्नबर्ग अंतर्राष्ट्रीय सैन्य न्यायाधिकरण और सुदूर पूर्व अंतर्राष्ट्रीय सैन्य न्यायाधिकरण, जिन्होंने क्रमशः शांति के विरुद्ध अपराध, युद्ध अपराध और मानवता के विरुद्ध अपराधों को दंडित किया और नाज़ी युद्ध अपराधियों पर मुकदमा चलाया, ने युद्धोत्तर अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और विश्व शांति की स्थापना और उसे बनाए रखने के लिए इनका गहरा महत्व है। द्वितीय विश्व युद्ध में मिली जीत, नूर्नबर्ग ट्रायल और टोक्यो ट्रायल के परिणाम अटल हैं। चीन कभी भी अमानवीय, चरमपंथी और सैन्यवादी विचारधाराओं को फिर से पनपने और दुनिया को एक बार फिर तबाही की ओर ले जाने की अनुमति नहीं देगा।