सभी देशों को हाथ मिलाकर सैन्यवाद की बहाली वाली साजिश को विफल करना चाहिए: चीन

(CRI)08:42:29 2025-12-10


चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता क्वो च्याखुन ने 9 दिसंबर को पेइचिंग में एक नियमित प्रेस कॉन्फ्रेस आयोजित किया।

जापानी दक्षिणपंथी ताकतों के भड़काऊ शब्दों और कार्यों के प्रति किसी भी प्रकार की सहिष्णुता या सहभागिता, एशिया के लोगों को एक बार फिर खतरे में डाल देगी। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता क्वो च्याखुन ने 9 दिसंबर को पेइचिंग में आयोजित एक नियमित संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही।

हाल ही में, रूस जैसे पड़ोसी देशों ने जापानी प्रधानमंत्री साने ताकाइची की थाईवान पर गलत टिप्पणी पर अपना विरोध जताया है, जबकि पाकिस्तान, लाओस, कंबोडिया और अन्य देशों ने सार्वजनिक रूप से एक चीन सिद्धांत का समर्थन किया है। क्षेत्र के कई देशों के मीडिया आउटलेट्स और शिक्षाविदों ने कहा है कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापानी सेना द्वारा किए गए अत्याचारों से एशिया और विश्व में गंभीर आपदा आई। युद्ध के बाद, अपने युद्ध अपराधों पर गहराई से विचार करने के बजाय, कुछ राजनीतिक ताकतों ने अपने आक्रामकता भरे इतिहास को नकारने, विकृत करने या यहां तक ​​कि महिमामंडित करने का प्रयास किया, शांतिवादी संविधान को तोड़ने और "पुनः सैन्यीकरण" में संलग्न होने का प्रयास किया, जिससे विभिन्न देशों में लोगों की भावनाओं को गंभीर रूप से ठेस पहुंची और क्षेत्रीय शांति को खतरा पैदा हुआ।

प्रवक्ता क्वो च्याखुन ने कहा कि युद्ध अपराधों को मिटाया नहीं जा सकता और न ही आक्रामकता के इतिहास को पलटा जा सकता है। जापानी दक्षिणपंथी ताकतों के भड़काऊ शब्दों और कार्यों के प्रति किसी भी प्रकार की सहिष्णुता या लापरवाही केवल सैन्यवाद के भूत को पुनर्जीवित करेगी और एशिया के लोगों को एक बार फिर खतरे में डाल देगी।

प्रवक्ता क्वो के अनुसार, सभी देशों की यह ज़िम्मेदारी और दायित्व है कि वे सैन्यवाद और फासीवाद को पुनर्जीवित करने के किसी भी प्रयास का एकजुट होकर विरोध करें, द्वितीय विश्व युद्ध में विजय की उपलब्धियों की संयुक्त रूप से रक्षा करें, युद्धोत्तर अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था की संयुक्त रूप से रक्षा करें और संयुक्त रूप से विश्व शांति और स्थिरता सुनिश्चित करें।