चीन-अमेरिका संबंधों में आपसी सम्मान और सहयोग ही सही मार्ग है: चीनी विदेश मंत्रालय
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता कुओ च्याखुन ने 8 दिसंबर को आयोजित नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति रिपोर्ट में चीन से संबंधित सामग्री पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए स्पष्ट रुख अपनाया। प्रवक्ता ने जोर देते हुए कहा कि आपसी सम्मान, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और सहयोग तथा उभय जीत के सिद्धांतों पर ही चीन और अमेरिका के बीच तालमेल बिठाया जा सकता है। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि ये सिद्धांत न केवल सही तरीका हैं, बल्कि एकमात्र यथार्थवादी और व्यावहारिक विकल्प भी हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने हाल ही में अपनी नवीनतम राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति रिपोर्ट जारी की है, जिसमें थाईवान के संबंध में परस्पर विरोधाभासी बयान शामिल हैं। एक ओर रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका थाईवान जलसंधि में यथास्थिति को बदलने वाली किसी भी एकतरफा कार्रवाई का समर्थन नहीं करता, तो दूसरी ओर यह थाईवान पर बलपूर्वक कब्जा करने के किसी भी प्रयास को रोकने के लिए अमेरिका और उसके सहयोगियों की क्षमता बढ़ाने का उल्लेख करता है।
इस विरोधाभासी रुख के जवाब में, कुओ च्याखुन ने दोबारा जोर देते हुए कहा कि थाईवान चीन का थाईवान है और यह चीन की भूमि का एक अविभाज्य अंग है। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि थाईवान मुद्दा चीन के मूलभूत हितों का केंद्रबिंदु है और चीन-अमेरिका संबंधों में यह पहली अलंघनीय लाल रेखा है, जिस पर कोई समझौता संभव नहीं है।
कुओ च्याखुन ने आगे कहा कि चीन का सदैव से मानना रहा है कि चीन और अमेरिका के बीच सहयोग से दोनों पक्षों को लाभ होता है, जबकि टकराव से दोनों को हानि उठानी पड़ती है। उन्होंने पुष्टि की कि चीन अपनी संप्रभुता, सुरक्षा और विकास के हितों की दृढ़ता से रक्षा करते हुए, अमेरिका के साथ चीन-अमेरिका संबंधों के निरंतर स्थिर विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रवक्ता ने आशा व्यक्त की कि अमेरिका दोनों राष्ट्राध्यक्षों द्वारा स्थापित महत्वपूर्ण सहमति को लागू करने, संवाद और सहयोग को मजबूत करने, मतभेदों का समुचित प्रबंधन करने और चीन-अमेरिका संबंधों के स्थिर, स्वस्थ और सतत विकास को आगे बढ़ाने के लिए चीन के साथ मिलकर काम करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस तरह के सहयोग से विश्व में अधिक निश्चितता और स्थिरता आएगी।