उल्कापिंड किनारे चाय की खुशबू, बैइशा ऑर्गेनिक चाय खोल रही चाय-पर्यटन का नया रास्ता

"इस सफेद चाय में खजूर जैसी हल्की खुशबू और जड़ी-बूटी की सुगंध है। मैंने कभी इस तरह का स्वाद नहीं चखा। इसका स्वाद बेहद सौम्य है और इसका मीठा पश्चात प्रभाव अत्यंत सुखद अनुभव कराता है..." चीन के "पारिस्थितिक चाय उत्पादन के केंद्र" हेनान प्रांत के बाईशा ली स्वायत्त काउंटी में, जन दैनिक के विदेशी विशेषज्ञ सारा ने चीन के ली समुदाय की अनोखी सफेद चाय का स्वाद चखने के बाद अपने अनुभव साझा किए

बाइशा हाएनान के उष्णकटिबंधीय वर्षावन राष्ट्रीय उद्यान के केंद्र में स्थित है। लगभग 7 लाख वर्ष पहले, यहाँ 380 मीटर व्यास का एक क्षुद्रग्रह पृथ्वी से टकराया, जिससे 10 किलोमीटर व्यास का बाइशा उल्का गड्ढा बन गया। इस अद्वितीय भौगोलिक वातावरण ने बाइशा की चाय को समृद्ध स्वाद और उच्च मात्रा में खनिज तत्वों से परिपूर्ण बनाया है।

हाल के वर्षों में, बाइशा की चाय बागानों ने चाय और पर्यटन के समेकित विकास परियोजनाओं को सक्रिय रूप से विकसित किया है। इन परियोजनाओं में ऑर्गेनिक चाय उत्पादन प्रक्रिया का अनुभव, ली समुदाय की सांस्कृतिक झलक और विश्राम एवं स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियाँ एकीकृत की गई हैं। 2024 में यहाँ 81,000 पर्यटकों का स्वागत किया गया, और 2025 में आने वाले पर्यटकों की संख्या 1 लाख तक पहुँचने की उम्मीद है। साथ ही, 2024 में बाइशा की हरी और लाल चाय नाइजीरिया को सफलतापूर्वक निर्यात की जा चुकी है, और कोरिया, जापान तथा सिंगापुर के व्यापारियों के साथ भी आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए गए हैं।