वांग यी ने फ्रांस के राष्ट्रपति के विदेश मामलों के सलाहकार से फोन पर बात की

चित्र VCG से है
27 नवंबर को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के केंद्रीय पोलित ब्यूरो के सदस्य, सीपीसी केंद्रीय कमेटी के वैदेशिक मामला आयोग के कार्यालय के निदेशक वांग यी ने फ्रांस के राष्ट्रपति के विदेश मामलों के सलाहकार इमैनुएल बोने से फोन पर बात की।
इस दौरान वांग यी ने कहा कि वर्तमान अंतर्राष्ट्रीय स्थिति अशांत है और एक के बाद एक नई समस्याएं और चुनौतियां सामने आ रही हैं। चीन और फ्रांस के लिए नियमित संवाद बनाए रखना और रणनीतिक समन्वय को मजबूत करना आवश्यक है। दोनों राष्ट्राध्यक्षों का रणनीतिक मार्गदर्शन बहुत महत्वपूर्ण है। दोनों पक्षों को सर्वांगीण रूप से आपसी लाभ वाले सहयोग को गहरा करना चाहिए और चीन-फ्रांस सर्वांगीण रणनीतिक साझेदारी को एक नए स्तर पर पहुंचाना चाहिए। हमें आशा है कि फ्रांस चीन के प्रति यूरोपीय संघ की सकारात्मक और तर्कसंगत नीति को बढ़ावा देगा, साझेदारी की मूल स्थिति पर कायम रहेगा, वार्ता और परामर्श के माध्यम से व्यापार और आर्थिक अंतर को अच्छी तरह से हल करेगा, ताकि सही रास्ते पर चीन-यूरोपीय संघ संबंधों के स्वस्थ विकास को बढ़ावा दिया जा सके।
वांग यी ने थाईवान मुद्दे पर चीन के रुख स्पष्ट करते हुए इस बात पर बल दिया कि वर्तमान जापानी नेता की थाईवान पर भड़काऊ टिप्पणी ऐतिहासिक प्रगति का स्पष्ट उलटफेर है और चीन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य और सर्वांगीण रणनीतिक साझेदार के रूप में, चीन और फ्रांस को संयुक्त रूप से द्वितीय विश्व युद्ध में विजय की उपलब्धियों की रक्षा करनी चाहिए और एक-दूसरे के मूल हितों से जुड़े मुद्दों पर एक-दूसरे का दृढ़ता से समर्थन करना चाहिए। हम आशा करते हैं कि फ्रांस एक-चीन सिद्धांत का दृढ़तापूर्वक पालन करता रहेगा।
बोने ने कहा कि राष्ट्रपति मैक्रों दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच मित्रता को मजबूत और गहरा करने, तथा फ्रांस-चीन और यूरोपीय संघ-चीन संबंधों को आगे बढ़ाने और वैश्विक संकटों को संयुक्त रूप से हल करने पर गहन रणनीतिक संपर्क करने के लिए शीघ्र ही चीन का दौरा करने के लिए उत्सुक हैं। विश्वास है कि इस यात्रा से द्विपक्षीय संबंधों का उच्च गुणवत्ता वाला विकास होगा तथा विश्व शांति और स्थिरता में नया योगदान मिलेगा। फ्रांस अपनी स्वतंत्र कूटनीतिक परंपरा को कायम रखता है, एक-चीन नीति का दृढ़ता से पालन करता है, और थाईवान मुद्दे पर चीन की वैध स्थिति को समझता है। यूरोपीय संघ-चीन संबंधों का स्वस्थ विकास अत्यंत महत्वपूर्ण है। फ्रांस, सुदृढ़ फ्रांस-चीन संबंधों के आधार पर यूरोपीय संघ-चीन संवाद और सहयोग में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए तैयार है।