चीन ने एक बार फिर जापान से अपनी गलतियों पर गंभीरता से विचार करने और अपने गलत बयानों को तुरंत वापस लेने का आग्रह किया

(CRI)08:59:54 2025-11-28

27 नवंबर को चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता क्वो च्याखुन ने एक नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की।

सीएमजी रिपोर्टर के एक प्रश्न के उत्तर में क्वो च्याखुन ने कहा कि थाइवान का चीन में वापस आना द्वितीय विश्व युद्ध के परिणामों और युद्धोत्तर अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। हम एक बार फिर जापान से आग्रह करते हैं कि वह अपनी गलतियों पर गंभीरता से विचार करे और उन्हें सुधारे, अपने गलत बयानों को तुरंत वापस ले, ठोस कार्रवाई के साथ चीन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का पालन करे, तथा संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देश के रूप में अपने न्यूनतम दायित्वों को पूरा करे।

इस दौरान एक पत्रकार ने पूछा: खबर है कि एक जापानी विपक्षी दल के नेता ने विपक्षी दल के नेताओं की बहस के दौरान साने ताकाइची की टिप्पणियों पर कहा कि ताकाइची अब विशिष्ट उदाहरणों का उल्लेख नहीं करतीं, जिससे प्रभावी रूप से उनकी पिछली टिप्पणियों को वापस ले लिया गया है। क्या चीन इस आकलन से सहमत है?

क्वो च्याखुन ने कहा कि जापानी प्रधानमंत्री साने ताकाइची की गलत टिप्पणी चीन और जापान के बीच चार राजनीतिक दस्तावेजों की भावना का गंभीर उल्लंघन करती है, चीन-जापान संबंधों की राजनीतिक नींव को कमज़ोर करती है, और चीनी जनता में तीव्र आक्रोश पैदा करती है। गलत टिप्पणियों का "अब और ज़िक्र न करना" और "वापस लेना" दो बिल्कुल अलग बातें हैं। चीन ऐसे टालमटोल वाले स्पष्टीकरण कभी स्वीकार नहीं करेगा।

उधर 27 नवंबर की दोपहर को, चीनी रक्षा मंत्रालय ने एक नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जहां सूचना ब्यूरो के उप निदेशक और रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता वरिष्ठ कर्नल च्यांग बिन ने कहा कि थाइवान का मुद्दा पूरी तरह से चीन का आंतरिक मामला है। थाइवान मुद्दे को कैसे सुलझाया जाए, यह चीनी जनता का अपना मामला है और इसका जापान से कोई संबंध नहीं है। चीनी जन मुक्ति सेना के पास किसी भी हमलावर दुश्मन को हराने की शक्तिशाली क्षमता और विश्वसनीय साधन हैं। अगर जापान सीमा पार करने और खुद के लिए मुसीबत खड़ी करने की हिम्मत करता है, तो उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।