ल्हासा के नीमु काउंटी में विकलांग लोगों की ग्रामीण क्षेत्रों में सांस्कृतिक और कलात्मक गतिविधियाँ आयोजित
हाल ही में “बाधारहित जीवंतता, संस्कृति और खेल साथ-साथ — 2025 नीमु काउंटी विकलांगों की ग्रामीण सांस्कृतिक गतिविधियाँ” शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश की राजधानी ल्हासा के नीमु काउंटी में आयोजित की गईं। इस कार्यक्रम ने संस्कृति को सूत्र और खेल को सेतु बनाकर विकलांग लोगों के लिए स्वयं को प्रस्तुत करने और समाज में समावेश का मंच तैयार किया।
इस कार्यक्रम ने विभिन्न संसाधनों का समन्वय करते हुए सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, खेल प्रतियोगिताओं और पारंपरिक विरासत अनुभव को एक साथ प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में नीमु काउंटी के विकलांग व्यक्ति, उनके परिवारजन और विद्यालयी छात्र सहित लगभग 150 लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में, नीमु काउंटी के च्योंगमु गांगगा कलात्मक दल ने गहन समुदाय-विशिष्ट कार्यक्रम पेश किए। कई विकलांग प्रतिभागियों ने भी मंच संभाला और सच्चे दिल से गाए गए गीतों और सुंदर नृत्य के माध्यम से जीवन के प्रति प्रेम और भविष्य में दृढ़ विश्वास का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान, विकलांग प्रतिनिधि गेसांग सोरांग ने मौके पर अपने कठिनाइयों से न डरने और मेहनत करने के प्रेरक अनुभव साझा किए। उनके वास्तविक जीवन की कहानियों ने आत्मबल और संघर्षशीलता की भावना को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया और दर्शकों को सहानुभूति, गर्माहट और प्रेरणा से भर दिया।
सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों में कई विशेष कार्यक्रम सावधानीपूर्वक आयोजित किए गए। प्रतियोगिताओं में स्पर्श से वस्तु पहचान, जीरन(एक शीत्सांग के परंपरागत खेल), पासा फेंकना, निशानेबाजी, पिंग-पोंग बॉल पकड़ना, हाथी रस्साकशी, दृष्टिहीनों के लिए दिशा मार्गदर्शन वाली पैदल गतिविधि, व्हीलचेयर धीमी सवारी, मज़ेदार रिंग फेंक और रेत की थैली फेंकना सहित कुल 10 खेल शामिल थे। इन गतिविधियों को विभिन्न प्रकार की विकलांगताओं वाले प्रतिभागियों की शारीरिक स्थिति और क्षमता को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया ताकि प्रत्येक विकलांग व्यक्ति अपनी योग्यता अनुसार भाग ले सके। अनुभवात्मक गतिविधियाँ अमूर्त सांस्कृतिक विरासत पर केंद्रित थीं, जिसमें शीत्सांग अगरबत्ती निर्माण और शीत्सांग लिपि में लेखन अनुभव क्षेत्र स्थापित किया गया। कार्यक्रम में नीमु काउंटी के गैर-सामग्रीक सांस्कृतिक धरोहर के धारणकर्ता और पेशेवर शिक्षक मौके पर मार्गदर्शन किया। विकलांग मित्रों और स्थानीय जनता ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, हाथ से शीत्सांग विशेषता वाली अगरबत्ती बनाई और शीत्सांग में शुभकामना शब्द लिखे। इसके साथ, इस परस्पर संवाद के माध्यम से परंपरागत संस्कृति की गहन आकर्षकता का अनुभव किया गया।
यह कार्यक्रम नीमु काउंटी में विकलांगों के प्रति स्नेह और सुरक्षा नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने का एक ठोस उदाहरण है। इसने न केवल विकलांगों को अपने कौशल और प्रतिभा दिखाने का मंच प्रदान किया, बल्कि विकलांगों और समाज के बीच की दूरी को और घटाया। इसके साथ ही, इसने विकलांगों के प्रति समझ, सम्मान, स्नेह और सहायता की सामाजिक प्रवृत्ति को मजबूती से बढ़ावा दिया।