चीन जापान से अपनी गलत टिप्पणियों को वापस लेने की पुरज़ोर मांग करता है: चीनी विदेश मंत्रालय

26 नवंबर को, चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने एक नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान एक पत्रकार ने पूछा, "स्थानीय समयानुसार, 26 तारीख को दोपहर तीन बजे, जापानी संसद में सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के नेताओं के बीच एक बहस हुई। ताकाइची के ताज़ा बयान पर चीन की क्या टिप्पणी है?"
माओ निंग ने कहा कि चीन का रुख़ बिल्कुल स्पष्ट है: हम जापान से अपनी गलत टिप्पणियों को वापस लेने और ठोस कार्रवाई के ज़रिए चीन के प्रति अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धता प्रदर्शित करने की पुरज़ोर मांग करते हैं।
एक पत्रकार ने पूछा: चीनी विदेश मंत्रालय ने हाल ही में कहा है कि जापान में चीनी नागरिकों के प्रति अपराधों के कई मामले सामने आए हैं और चीनी नागरिकों को निकट भविष्य में जापान की यात्रा करने से बचने की सलाह दी है। इस पर चीन की क्या टिप्पणी है?
माओ निंग ने कहा कि जापानी समाज में चीनी नागरिकों के विरुद्ध अपराध वर्तमान में बड़े पैमाने पर हो रहे हैं। पिछले हफ़्ते ही, हमने देखा कि जापानी पुलिस ने चीनी नागरिकों पर कथित रूप से हमला करने के आरोप में पांच संदिग्धों को गिरफ़्तार किया है। जापानी सोशल मीडिया पर चीन के खिलाफ अत्यधिक उग्र और धमकी भरी बयानबाज़ी हो रही है। हम जापान से आग्रह करते हैं कि वह चीन की चिंताओं को गंभीरता से ले और जापान में चीनी नागरिकों और संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए।
एक संवाददाता ने पूछा कि क्या चीनी विदेश मंत्रालय इस बात की पुष्टि कर सकता है कि सेंट विंसेंट और ग्रेनेडाइंस के प्रधानमंत्री राल्फ गोन्साल्वीस चीन के संपर्क में हैं और चीन के साथ संबंध विकसित करने की संभावना तलाश रहे हैं।
माओ निंग ने कहा कि एक-चीन सिद्धांत अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की सार्वभौमिक सहमति और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों का एक मूलभूत मानदंड है। दुनिया भर के 183 देशों ने चीन के साथ राजनयिक संबंध स्थापित किए हैं, यह पूरी तरह से दर्शाता है कि एक-चीन सिद्धांत का पालन करना अंतर्राष्ट्रीय न्याय, जनता की इच्छा और एक अदम्य प्रवृत्ति का विषय है।