जापान के वर्तमान नेता ने वह लाल रेखा पार कर ली है जिसे पार नहीं किया जाना चाहिए: वांग यी

(CRI)13:39:17 2025-11-24

19 से 22 नवंबर तक, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के पोलित ब्यूरो के सदस्य और चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने किर्गिज़स्तान, उज़्बेकिस्तान और ताजिकिस्तान के नेताओं के निमंत्रण पर रणनीतिक वार्ता की और तीनों देशों के नेताओं के साथ विचार-विमर्श किया। यात्रा के बाद, वांग यी ने चीनी मीडिया को एक साक्षात्कार दिया।

साक्षात्कार में एक चीन सिद्धांत की चर्चा में वांग यी ने कहा कि चीन मध्य एशिया में शांति, स्थिरता और विकास का प्रबल समर्थक और प्रबल रक्षक बनने को तैयार है। हम मध्य एशियाई देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप का विरोध करते हैं और किसी भी व्यक्ति या शक्ति को विभाजन और अस्थिरता पैदा करने की अनुमति नहीं देंगे। मैंने तीनों देशों के विदेश मंत्रियों को थाइवान मुद्दे पर चीन की सैद्धांतिक स्थिति से अवगत कराया और वर्तमान जापानी नेता के गलत शब्दों और कार्यों को उजागर किया, जो खुले तौर पर चीन के मूल हितों का उल्लंघन करते हैं और द्वितीय विश्व युद्ध के बाद की अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था को चुनौती देते हैं।

वांग यी के अनुसार तीनों देशों ने सार्वजनिक रूप से इस बात पर जोर दिया कि दुनिया में केवल एक ही चीन है, थाइवान चीन के क्षेत्र का एक अविभाज्य हिस्सा है, वे "थाइवान स्वतंत्रता" के किसी भी रूप का विरोध करते हैं, और वे राष्ट्रीय एकीकरण प्राप्त करने के लिए चीन सरकार द्वारा किए गए सभी प्रयासों का दृढ़ता से समर्थन करते हैं।