मनमोहक ऋतु: शियाओ श्वे--शुरुआती शीतलहर

नमस्ते दोस्तों! मैं यात्रा-प्रेमी सीसी हूँ। आज चौबीस सौर पर्वों में से "शुरुआती शीतलहर" का दिन है, जिसे लघु हिमपात के नाम से भी जाना जाता है। यह वह सौर अवधि है जो सीधे मौसम परिवर्तन का संकेत देती है। “शुरुआती शीतलहर” के आगमन के साथ ही मौसम शीतल होने लगता है, वर्षा और हिमपात की संभावना बढ़ती है, तथा कृषि कार्यों में संरक्षण और संचयन का चरण आरंभ होता है। इसी समय मैं "तेरह राजवंशों की प्राचीन राजधानी" लुओयांग में हूँ और आप सभी को आमंत्रित करती हूँ कि आरंभिक शीतकाल की इस सुगंधित हवा और प्राचीन सांस्कृतिक वातावरण के बीच, शीत ऋतु की कृषि-ज्ञान परंपरा को मेरे साथ महसूस करें।

लुओयांग में भले ही इस समय बर्फ न गिरे, किंतु तापमान स्पष्ट रूप से नीचे उतर चुका है। शहर के उपनगरों की खेत-मेड़ों पर किसान पहले ही तैयारी में जुट गए हैं। उनके लिए शुरुआती शीतलहर का मूल भाव है—"संग्रह और संरक्षण"। भूमि के पूरी तरह जमने से पहले वे शीतकालीन सिंचाई कर मिट्टी में नमी संजोते हैं, ताकि गेहूँ जैसी शीत–सहनीय फ़सलों के लिए एक मजबूत "गरमाहट वाली ढाल" तैयार की जा सके। किसान कहावत—"शीतल पर बर्फ छाए, अगले वर्ष भरपूर उपज आए"—इसी दूरदृष्टि और आशा को व्यक्त करती है। अब तो स्मार्ट ग्रीनहाउस भी ऋतु-चक्र के अनुसार तापमान और आर्द्रता स्वयं समायोजित करते हैं, जिससे पारंपरिक कृषि-ज्ञान आधुनिक विज्ञान की गति से आगे बढ़ रहा है।

चीन में एक बेहद प्रचिलित कहावत है—"लघु हिमपात में अचार, बड़े हिमपात में मांस।" लघु हिमपात के समय मौसम शुष्क हो जाता है, जो अचार और खमीर वाले मांस को बनाने का उत्तम समय होता है। इसके अलावा, हर घर में चिकन, बतख, मछली और मांस को किण्वित करने, और सॉसेज बनाने जैसी गतिविधियाँ भी की जाती हैं, जिन्हें नए साल के अवसर पर खाने के लिए संग्रहित किया जाता है।

यह उल्लेखनीय है कि भले ही "शुरुआती शीतलहर" चीन का पारंपरिक सौरपर्व है, लेकिन कोरिया, जापान और अन्य स्थानों में भी इस समय लोग गर्म रहना और भोजन संग्रहित करना महत्वपूर्ण मानते हैं। भले ही रीति-रिवाज भिन्न हों, लेकिन सभी जगहों पर सर्दियों की तैयारी करने की यह परंपरा जीवन के प्रति सजगता और भविष्य की आशा को दर्शाती है—एक ऐसा सांस्कृतिक प्रतिध्वनि जो सीमाओं को पार कर जाता है।

इस समय, हाथ में गरमा-गरम लुओयांग बीफ़ सूप लेकर ठंड को भांपते हुए ही हम "लघु हिमपात के मौसम” की परंपराओं को समझ पाते हैं। "शीत ऋतु में लघु हिमपात हो, और त्योहार के समय इंद्रधनुष अपने रंग धीरे-धीरे समेट ले"। यह धुँए और अंगीठी की खुशबू से महकता सर्दियों का नजारा है। आइए, इस सर्दी के मौसम में अपने गाँव की सर्दियों की परंपराएँ और अनुभव हमसे साझा कीजिए।