अमेरिका ने भारत पर सीमा शुल्क बढ़ाया, चीन ने कहा हम हमेशा से मनमाने ढंग से शुल्क लगाने का विरोध करते हैं
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7 अगस्त को आयोजित नियमित संवाददाता सम्मेलन में एक पत्रकार ने पूछा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर रूस से तेल आयात करने पर आपत्ति जताते हुए भारत पर 25% अतिरिक्त शुल्क लगाया है। इस पर चीन का क्या रूख है?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाखुन ने कहा कि शुल्क का मनमाने ढंग से उपयोग करने पर चीन का विरोध हमेशा से सुसंगत और स्पष्ट रहा है।
जानकारी के अनुसार, 6 अगस्त को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसमें भारत द्वारा “प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रूसी तेल का आयात” करने को आधार बनाते हुए, भारत से अमेरिका निर्यात होने वाले उत्पादों पर 25% अतिरिक्त शुल्क लगाने की घोषणा की ।
इस पर भारत ने अपने बयान में अमेरिका द्वारा भारत पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की कार्रवाई को “अनुचित, अन्यायपूर्ण और तर्कहीन ” बताया , और कहा कि भारत अपने “राष्ट्रहित की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम” उठाएगा।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने 6 अगस्त को एक बयान जारी कर बल देते हुए कहा कि अमेरिका द्वारा भारत पर अतिरिक्त शुल्क लगाने जैसी कार्रवाइयाँ “अनुचित, अन्यायपूर्ण और तर्कहीन”हैं, भारत अपने “राष्ट्रहित की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम” उठाएगा। बयान में कहा गया कि भारत द्वारा रूसी तेल का आयात बाज़ार की स्थिति पर आधारित है और इसका मुख्य उद्देश्य भारत की ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।