अमेरिका चीन के लिए सबसे बड़ा साइबर खतरा है:चीनी विदेश मंत्रालय
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता कुओ च्याखुन ने 1 अगस्त को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अमेरिका चीन के लिए सबसे बड़ा साइबर खतरा है और चीन अपनी साइबर सुरक्षा की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाता रहेगा।
एक रिपोर्टर ने पूछा कि चीनी साइबरस्पेस सुरक्षा संघ ने पहले दो मामले प्रकाशित किए थे, जिनमें अमेरिकी सरकार ने चीन के खिलाफ साइबर हमले शुरू करने के लिए जर्मनी, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर और नीदरलैंड का इस्तेमाल किया था। इसने यह भी खुलासा किया कि 2024 में, विदेशी राज्य-स्तरीय एपीटी (उन्नत लगातार खतरा) संगठनों ने प्रमुख चीनी संस्थाओं के खिलाफ 600 से अधिक साइबर हमले किए, चीन के महत्वपूर्ण सूचना ढांचे और महत्वपूर्ण सूचना प्रणालियों पर हमले किये और घुसपैठ की।
कुओ च्याखुन ने कहा, "यह अमेरिकी सरकार द्वारा चीन के विरुद्ध दुर्भावनापूर्ण साइबर हमलों का नवीनतम प्रमाण है, जो एक बार फिर दर्शाता है कि अमेरिका चीन के लिए सबसे बड़ा साइबर खतरा है और साइबर सुरक्षा के मामले में अमेरिका के पाखंड को उजागर करता है। चीन अपनी साइबर सुरक्षा की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाता रहेगा। हम यह भी देखते हैं कि अमेरिका ने इन दुर्भावनापूर्ण साइबर गतिविधियों को अंजाम देने के लिए यूरोप और चीन के पड़ोसी देशों में अपने सहयोगियों का इस्तेमाल किया।"
कुओ च्याखुन ने इस बात पर ज़ोर दिया कि चीन लगातार इस बात की वकालत करता है कि साइबर सुरक्षा सभी देशों के सामने एक साझा चुनौती है और इसे बातचीत और सहयोग के माध्यम से हल किया जाना चाहिए।