भारत स्थित चीनी दूतावास ने चीनी जनमुक्ति सेना की स्थापना की 98वीं वर्षगांठ जयंती मनायी

30 जुलाई 2025 को भारत स्थित चीनी दूतावास ने नई दिल्ली में चीनी जनमुक्ति सेना की स्थापना की 98वीं वर्षगांठ की जयंती पर एक स्वागत समारोह का आयोजन किया। इस अवसर पर राजदूत श्वी फए-हुंग, रक्षा अधिकारी रियर एडमिरल ची मिंगचओ, दूतावास के वरिष्ठ राजनयिक, भारत के विभिन्न क्षेत्रों के मित्रवर, भारत में स्थित विभिन्न देशों के राजनयिक, सैन्य अधिकारी, चीनी कंपनियों के प्रतिनिधि, प्रवासी चीनी नागरिक, विद्यार्थी और मीडिया के 400 से अधिक प्रतिनिधि उपस्थित थे।

राजदूत श्यी ने अपने संबोधन में कहा कि चीनी सेना हमेशा देश की संप्रभुता, सुरक्षा और विकास हितों के रक्षक के एक लोहे की दीवार रही है, और विश्व शांति रक्षा करने की एक दृढ़ शक्ति भी रही है। इस वर्ष चीन में जापान विरोधी और विश्व फासिस्ट विरोधी युद्ध विजय की 80वीं वर्षगांठ है। इस संघर्ष में चीन और भारत ने एक-दूसरे का समर्थन करते हुए अपने प्राण न्यौछावर किए और खून-पसीना बहाया, जो आज भी दोनों देशों की मित्रता का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। मौजूदा वर्ष भी चीन-भारत राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ है। चीन भारत के साथ मिलकर दोनों देशों के नेताओं द्वारा संपन्न महत्वपूर्ण सहमतियों को लागू करने, और चीन-भारत संबंधों में निरंतर सुधार और विकास को बढ़ावा देने के लिए इच्छुक है।

सैन्य अधिकारी ची ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले 98 वर्षों में, चीनी जनमुक्ति सेना ने राष्ट्रीय स्वतंत्रता, जनता की मुक्ति, देश की समृद्धि और विश्व शांति के लिए महत्वपूर्ण ऐतिहासिक योगदान दिया है। 80 वर्ष पहले, चीनी जनता ने विश्व के फास्सिट विरोधी गठबंधन देशों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ाई लड़ी और अंतिम विजय प्राप्त की। वर्तमान में दुनिया एक नए अशांत और परिवर्तनशील दौर में प्रवेश कर रही है। ऐसे समय में, चीनी सेना राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा प्रस्तावित वैश्विक सुरक्षा पहल को वफादारी से लागू करेगी, एक प्रमुख शक्ति की सेना के रूप में अपनी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों को सक्रिय रूप से निभाएगी, और विश्व शांति और स्थिरता की एक मजबूत शक्ति बनेगी।

समारोह में "रक्षक" नामक कई डॉक्यूमेंट्री फ़िल्में प्रदर्शित की गईं और चीनी सैन्य निर्माण की उपलब्धियों को संबंधित चित्र श्रृंखला द्वारा दर्शायी गई। मेहमानों ने चीनी जनमुक्ति सेना की 98वीं वर्षगांठ और चीन के जापान विरोधी युद्ध विजय की 80वीं वर्षगांठ पर बधाई दी। पूरा माहौल उल्लासपूर्ण और मैत्रीपूर्ण रहा।